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रेडक्रास यूनिट द्वारा आयोजित Online व्याख्यान

राजनांदगांव: शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में महाविद्यालयीन रेडक्रास युनिट द्वारा दिनांक 26.02.2020 को ‘‘किशोरावस्था की समस्याएं एवं समाधान‘‘ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया । गूगल मीट प्लेटफार्म द्वारा आयोजित इस आॅनलाईन व्याख्यान में 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया । कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता शहर के जाने माने विद्वान चिकित्सक पद्मश्री डाॅ.पुखराज बाफना जी थे । 
महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ.सुमन सिंह बघेल ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवनकाल में ‘‘किशोरावस्था‘‘ एक महत्वपूर्ण अवस्था मानी गयी है । इस अवस्था में बालक बालिकाओं को अनेक शारीरिक एंव संवेगात्मक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है, एवं निश्चित रूप से यह समस्याओं, उलझनों तथा आशंकाओं का दौर होता है । महाविद्यालय की अधिकांश छात्राएं उम्र के इसी पड़ाव में है अतः उनकी समस्याओं के उचित समाधान हेतु आयोजित यह व्याख्यान अत्यंत ही प्रासंगिक होगा। हम सभी के लिए यह गर्व का विषय है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए विषय विशेषज्ञ के रूप में पद्मश्री डाॅ.पुखराज बाफना जी हमारे बीच उपस्थित है । मुझे पूरा विश्वास है कि यह परिचर्चा छात्राओं के लिए लाभप्रद होगी । 
डाॅ.पुखराज बाफना जी ने अपना व्याख्यान पावर पाईंट प्रजेन्टेशन के माध्यम प्रस्तुत किया, जिसका शीर्षक था ‘‘किशोरी कन्या - उलझने और सुलझने‘‘ । दृश्य एवं श्रव्य सामग्रियों से परिपूर्ण अपनी प्रस्तुति में किशोरी कन्या की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, व्यवहारिक एवं भावनात्मक समस्याओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला । प्रभावी दृष्टांतो एवं अपने वृहद् अनुभव के आधार पर उन्होंने प्रत्येक समस्या का एक उचित समाधान भी प्रस्तुत किया । बाल्यावस्था एवं युवावस्था के इस संक्रमणकाल को परिभाषित करते हुए डाॅ.बाफना ने बताया कि किशोर उम्र से डील करना ठीक वैसा ही है जैसे कि घुमती टेबल पर भरतनाट्यम सीखना । अतः अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी किशोर बालक या बालिका के प्रति अपनी भूमिका को लेकर संजिदा एवं सचेत रहने की आवश्यकता है । 
व्याख्यान के अंत में प्रतिभागी छात्राओं से प्रश्न आमंत्रित किए गए । अधिकांश छात्राओं ने स्वास्थ्यगत समस्याओं को लेकर प्रश्न किए, जिसका समुचित समाधान विशेषज्ञ महोदय द्वारा किया गया । 
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डाॅ.एच.के.गरचा ने आमंत्रित अतिथि महोदय, प्राचार्य महोदय एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि क्षेत्र के गौरव एवं विशाल व्यक्तित्व के धनी पद्मश्री डाॅ.पुखराज बाफना जी ने महाविद्यालय की छात्राओं से परिचर्चा हेतु अपना बहुमूल्य समय प्रदान किया इसके लिए महाविद्यालय परिवार उन्हे सादर धन्यवाद ज्ञापित करता है । 
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय में मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष एवं यूथ रेडक्रास युनिट के प्रभारी डाॅ.बसंत कुमार सोनबेर द्वारा किया गया । छात्राओं को प्रेरित करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने मंे महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री आलोक कुमार जोशी ने विशेष सहयोग प्रदान किया । 
 


 

 

रेड क्रास प्रभारी अधिकारी:- 
डाॅ.बसंत कुमार सोनबेर 

छ.ग.राज्य एड्स नियंत्रण समिति  के दिशा निर्देशन में गठित रेड रिबन क्लब के सदस्यों एवं अन्य छात्र छात्राओं को एचआईवी एड्स के संबंध में जागरूक करने के संबंध में महाविद्यालय के टैगोर हाॅल में दिनांक 20.11.2018 को एक उन्नमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुम्भारभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ । महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ.सुमन सिंह बघेल ने सर्वप्रथम अपने उद्बोधन में इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला एवं बताया कि एचआईवी संक्रमण के प्रमुख कारण कौन-कौन से हो सकते है । 
कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय राजनांदगांव के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट एवं स्वास्थ्य शिक्षा के विशेषज्ञ डाॅ.ईश्वरी सोनी जी ने छात्राओं को पावर पांइट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एचआईवी एड्स से संबंधी जानकारी प्रदान की । उन्होने अपने व्याख्यान में विस्तार पूर्वक समझाया कि संक्रमण के प्रमुख कारण कौन-कौन से होते है अनस्टरलाइड निडिल का प्रयोग संक्रमित ब्लड चढ़ाने से, यदि मां संक्रमित है तो बच्चे को एड्स होने की सम्भावना होती है, असुरक्षित यौन सम्बध से एड्स होता है, संक्रमित ब्लेड से दाढ़ी बनाने से भी एड्स होता है इससे कैसे बचा जा सकता है, इस पर प्रकाश डाला । एड्स के मरीजों की पहचान गोपनीय रखने तथा उनसे सामान्य व्यवहार किए जाने विषय पर भी डाॅ.सोनी ने छात्राओं को निर्देशित किया । जिला चिकित्सालय के ही डाॅ.योगेश साहू जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि एचआईवी एड्स से जुड़ी हुई प्रमुख मिथ्या  धारणाएँ कौन-कौन सी है, जिनका वास्विकता से कोई संबंध नहीं है और न ही इनका कोई वैज्ञानिक आधार है । 
राष्ट्रीय सेवा योजना की महाविद्यालयीन ईकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रामकुमारी धुर्वा ने इस अवसर पर कहा कि एचआईवी एड्स से जुड़ी भ्रांतियों एवं तथ्यों को ग्रामीण समुदाय में लेकर जाने की आवश्यकता है । जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है। 
महाविद्यालय के रेड रिबल क्लब की प्रभारी प्राध्यापक डाॅ.उषा मोहबे ने कार्यक्रम के अंत में सभी आमंत्रित अतिथियों एवं प्राचार्य महोदय को धन्यवाद ज्ञापित किया । कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विषय के सहायक प्राध्यापक डाॅ.बसंत कुमार सोनबेर द्वारा किया गया । बड़ी संख्या में छात्रायें उपस्थित थी।
 


 
महाविद्यालय के छात्रों में सेवा भावना के विकास , प्राकृतिक आपदा आदि के समय समाज एवं विभिन्न राष्ट्रीय कार्यों में सहयोग प्रदान करने का प्रशिक्षण देने के उददेश्य से भारतीय रेड क्रास सोसायटी का गठन प्रत्येक सत्र में किया जाता है। महाविद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं इसके सदस्य होते हैं। सोसायटी के तत्वावधान के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्त समूह परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है।

छात्रों को स्वैच्छिक रक्तदान करने हेतु प्रेरित किया जाता है। सोसायटी के द्रारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर आयोजित होने वाले ग्राम में प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत गरीब छात्र-छात्राओं को शाला गणवेश नि:शुल्क प्रदान किया जाता है। 
सोसायटी के कार्यों के संचालन हेतु एक प्रभारी प्राध्यापक की नियुक्ति की जाती है।